ग्वार उगाने का सही समय: बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान के लिए मार्गदर्शन

ग्वार उगाने का सही समय: बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान के लिए मार्गदर्शन
Right Time to Grow Guar in Bikaner and Western Rajasthan

ग्वार उगाने का सही समय: बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान के लिए मार्गदर्शन

क्या आपको पता है कि ग्वार की खेती सही समय पर करने से उत्पादन 30% तक बढ़ सकता है? बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान के शुष्क जलवायु में ग्वार (Cluster Bean) किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फसल है।

लेकिन, गलत समय पर बुवाई करने से उत्पादन कम हो सकता है और फसल की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। इस लेख में, हम जानेंगे कि बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान के लिए ग्वार की खेती का सही समय क्या है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ग्वार खेती का महत्व और पृष्ठभूमि

ग्वार एक सूखा-सहिष्णु फसल है, जो कम पानी में भी अच्छी उपज देती है। इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  • कम जल आवश्यकता (300-350 मिमी वर्षा पर्याप्त)
  • रेतीली और कम उपजाऊ भूमि में भी उत्पादन संभव
  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है
  • ग्वार गम (Guar Gum) उद्योग के लिए प्रमुख कच्चा माल

पिछले कुछ वर्षों में, ग्वार की वैश्विक मांग बढ़ी है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है।

बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान में ग्वार उगाने का सही समय

ग्वार की बुवाई का समय सीधा मौसम और मिट्टी की नमी पर निर्भर करता है।

गर्मी और बारिश का सही संतुलन

  • सर्वश्रेष्ठ समय: जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह (मानसून शुरू होते ही)
  • अधिकतम देरी: जुलाई के अंत तक (इसके बाद उत्पादन घट सकता है)
  • मौसम की स्थिति: तापमान 25-35°C और हल्की बारिश होनी चाहिए

किस महीने कौन सा कार्य करें?

माह कार्य
मई - जून मिट्टी की तैयारी, खेत की सफाई
जुलाई का पहला सप्ताह बीज बुवाई (पहली बारिश के साथ)
अगस्त - सितंबर निराई-गुड़ाई और कीट नियंत्रण
अक्टूबर - नवंबर फसल कटाई

वैज्ञानिक शोध और किसान अनुभव

ICAR (Indian Council of Agricultural Research) के अनुसार, ग्वार की बुवाई मानसून शुरू होते ही करने से 20-30% अधिक उत्पादन संभव है।

स्थानीय किसानों के अनुभव भी बताते हैं कि जुलाई के पहले पखवाड़े में बुवाई करने वाले किसानों को अधिक लाभ हुआ क्योंकि फसल को पर्याप्त नमी मिलती है और पकने तक अनुकूल मौसम बना रहता है।

किसानों के लिए व्यावहारिक सुझाव

  • उन्नत किस्में अपनाएं: जैसे HG 365, RGC 936 जो कम पानी में भी अच्छा उत्पादन देती हैं।
  • बीज उपचार करें: बीज को कार्बेन्डाजिम और ट्राइकोडर्मा से उपचारित करें ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
  • जल प्रबंधन: सिंचाई की जरूरत बहुत कम होती है, लेकिन अधिक सूखा पड़ने पर एक सिंचाई देना फायदेमंद रहेगा।
  • खाद एवं उर्वरक: ग्वार फसल को नाइट्रोजन की जरूरत कम होती है, लेकिन फॉस्फोरस और पोटाश देना आवश्यक है।

संभावित चुनौतियां और समाधान

  • अनियमित बारिश: अगर बारिश देर से हो रही है, तो देर से पकने वाली किस्में चुनें।
  • कीट और रोग: माहू और फली छेदक से बचाव के लिए जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें।
  • कम बाजार मूल्य: मंडी में ग्वार गम उद्योग की मांग को देखते हुए फसल बेचें।

निष्कर्ष और आपका अगला कदम

बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान में ग्वार की सही बुवाई जुलाई के पहले-दूसरे सप्ताह में करने से अधिक उत्पादन और मुनाफा संभव है।

अगर आप किसान हैं और ग्वार की खेती कर रहे हैं, तो आपका अनुभव क्या रहा? हमें कमेंट में बताएं या इस जानकारी को अन्य किसानों के साथ साझा करें!

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