सरसों के बाजार की कहानी – किसानों और व्यापारियों के लिए

सरसों के बाजार की कहानी – किसानों और व्यापारियों के लिए जरूरी जानकारी

सरसों के बाजार की कहानी – किसानों और व्यापारियों के लिए जरूरी जानकारी

किसान भाइयों और व्यापारी साथियों, सरसों का बाजार हर साल नए उतार-चढ़ाव लेकर आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सरसों के भाव किन वजहों से बढ़ते या घटते हैं?

सोशल मीडिया, यूट्यूब और फेसबुक पर बहुत से लोग बिना किसी ठोस आधार के भाव में जबरदस्त तेजी की बातें करते हैं। इनका मकसद सिर्फ लाइक्स और व्यूज बटोरना होता है, जबकि असली हकीकत कुछ और होती है। ऐसे वीडियो देखकर किसान अक्सर गलत फैसले ले बैठते हैं और नुकसान झेलते हैं। इसलिए, सही जानकारी और गहरी समझ से ही आप अपने फैसले को मजबूत बना सकते हैं।

आज की रिपोर्ट में हम उन्हीं कारकों को समझेंगे जो सरसों के भाव को ऊपर या नीचे ले जाने की ताकत रखते हैं। साथ ही, हम सरसों के उत्पादन, पुराने स्टॉक, सरकारी नीतियों, देश-विदेश के बाजार और खाद्य तेलों के प्रभाव को भी जानने की कोशिश करेंगे। इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आप खुद अंदाजा लगा सकेंगे कि सरसों का बाजार किस दिशा में बढ़ने वाला है।

सरसों की आवक का ट्रेंड – क्या कहता है बाजार?

सबसे पहले, देखते हैं कि इस साल सरसों की आवक कैसी रही है।

पिछले साल (मार्च 2024): 1 मार्च से सरसों की आवक 8 लाख बोरी थी, और जयपुर में इसका भाव ₹5425 प्रति क्विंटल था।

18 मार्च 2024: आवक 16 लाख बोरी तक पहुंच गई थी।

इस साल (मार्च 2025): सरसों की आवक 3.5 लाख बोरी से शुरू हुई थी, और अब तक 12.25 लाख बोरी तक पहुंच पाई है।

भाव: अभी सरसों का दाम ₹6075 प्रति क्विंटल चल रहा है, जो पिछले साल से ज्यादा है।

आगे क्या हो सकता है?

होलिका दहन के बाद, सोमवार (17 मार्च) को सरसों की आवक 13 लाख बोरी पार कर सकती है। जब ऐसा होगा, तो भाव में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन यह ₹200 से ज्यादा नहीं होगी। कुल मिलाकर, इस साल का बाजार पिछले साल के मुकाबले मजबूत नजर आ रहा है।

पुराने स्टॉक का हाल – कितना स्टॉक बचा है?

मरूधर एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी सरसों का ज्यादातर स्टॉक खत्म हो चुका है।

1 मार्च 2025: किसानों और स्टॉकिस्टों के पास सिर्फ 2 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा था।

सरकारी स्टॉक: नाफेड के पास 7 लाख टन सरसों का स्टॉक बाकी है, जबकि पहले 27 लाख टन था।

नाफेड की बिक्री: सालभर में नाफेड ने 20 लाख टन सरसों बेची है।

सरकार की ओर से इस साल भी अच्छी खरीदारी की उम्मीद है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

विदेशी बाजारों का असर – कौन से संकेत मिल रहे हैं?

सरसों के तेल को पाम तेल और सूरजमुखी तेल से कड़ी टक्कर मिलती है।

पाम तेल: पिछले साल की तुलना में 6% महंगा हुआ है, जिससे सरसों के तेल को मजबूती मिल रही है।

सरसों का तेल: पिछले साल की तुलना में 10% तक महंगा हुआ है।

सोयाबीन: इस साल कमजोर चल रहा है क्योंकि वैश्विक स्तर पर इसका उत्पादन बढ़ा है और निर्यात घटा है।

अमेरिका और चीन की बात करें तो, सोयाबीन छोड़कर बाकी सभी तेल और तिलहन मजबूत दिख रहे हैं। इसका मतलब है कि सरसों के दाम में स्थिरता या बढ़त देखी जा सकती है।

क्या 2021 जैसा ₹8000 का रेट फिर मिलेगा?

2021 में सरसों का भाव ₹8000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था, लेकिन 2022 और 2023 में भारी गिरावट आई, और रेट ₹5000 से नीचे चला गया।

अब सवाल यह है कि क्या 2025 में फिर से ₹8000 का स्तर दिख सकता है?

संभावनाएं क्या हैं?

अगर हम बाजार के मौजूदा हालात देखें—

  • उत्पादन
  • पिछला स्टॉक
  • विदेशी बाजारों की स्थिति
  • बाजार की धारणा

तो यह संकेत मिलते हैं कि सरसों का दाम ₹7000 के स्तर तक आसानी से जा सकता है।

अगर विदेशी बाजारों का भी समर्थन मिल गया, तो ₹8000 तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा।

क्या करना चाहिए?

किसान भाई: अगर बेचना चाहते हैं, तो या तो अभी बेच दें या फिर 3-4 महीने तक इंतजार करें।

व्यापारी भाई: अगर खरीदारी करनी है, तो अभी का समय सबसे उपयुक्त है।

ध्यान दें: बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा रहेगा, इसलिए कोई भी फैसला सोच-समझकर और अपने विवेक से लें।

निष्कर्ष – आगे क्या होगा?

सरसों की आवक अभी तक पिछले साल से कम रही है, जिससे बाजार मजबूत बना हुआ है।

पुराना स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है, और सरकार की खरीदारी बाजार को सपोर्ट दे सकती है।

विदेशी बाजारों में भी सरसों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

अगर जयपुर में सरसों का भाव ₹5800 के स्तर को बनाए रखता है, तो ₹7000-₹8000 का स्तर पाना संभव है।

जो किसान और व्यापारी इस बाजार में निर्णय लेना चाहते हैं, वे अपनी जरूरत और समझदारी से फैसले लें। अफवाहों से बचें, और सही जानकारी के आधार पर अपने दाम तय करें।

क्या करें?

  • ✅ बेचना चाहते हैं? या तो अभी बेचें, या 3-4 महीने रुकें।
  • ✅ खरीदारी करनी है? अभी का समय सही है।
  • ✅ बाजार की चाल समझें, जल्दबाजी में फैसला न लें।

बाजार में सतर्क रहें, और सोच-समझकर व्यापार करें!

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